Thursday, 18 December 2014

जहां जन्म रणवीर लिए


जहां जन्म रणवीर लिए , किए प्राण देश के नाम
भारत माँ के उस मिट्टी के ,कण कण को प्रणाम

त्याग दिए सुख चैन स्वयं , चल पड़े वीर जवान
छीन लिए आजादी लड़कर , दिए प्राण बलिदान

चलो चलें हम सब मिलकर, पदचिन्हों पर उनके
देश रत्न को करें समर्पित, कुछ श्रद्धा सुमन चुनके

अहो भाग्य हमारा , हम सब हैं भारत के वासी
रक्षण करना मातृ भूमि का , हो जाए चाहे फांसी

करो प्रण अब नहीं लड़ेंगे , आपस में ही भिड़कर
अमन चैन की करो स्थापना , रहो सभी मिलजुलकर

आजाद हिन्द आजादी , हम सब का अभिमान है
सबसे ऊंचा रहे तिरंगा , जो भारत माँ की शान है
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© Copyright Kiran singh

Friday, 12 December 2014

तेरी मधुर स्मृतियों में खोकर , तुम संग प्रिय दिन रैन जिए हैं
उर भाव लहर बेचैन स्पन्दन  ,  कलम किनारा थाम लिए हैं
तेरे नाम की पाती प्रियतम ,  कुछ गीत लिखे  कुछ छंद गढ़े
अनुभूतियों में रस श्रॄंगार भर ,  प्रेम कविता का नाम दिए हैं 
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© Copyright Kiran singh