Friday, 12 December 2014

तेरी मधुर स्मृतियों में खोकर , तुम संग प्रिय दिन रैन जिए हैं
उर भाव लहर बेचैन स्पन्दन  ,  कलम किनारा थाम लिए हैं
तेरे नाम की पाती प्रियतम ,  कुछ गीत लिखे  कुछ छंद गढ़े
अनुभूतियों में रस श्रॄंगार भर ,  प्रेम कविता का नाम दिए हैं 
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© Copyright Kiran singh

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