अरे रामा अंगना में
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अरे रामा अंगना में बरसे बदरिया
भीजेके करे मनवा ए हरी
आइल बरखा नाचत गावत
छनन छनन जइसे घूंघरू बजावत
अरे रामा पूरब से बहे पूरवइया
भीजेके करे...........................
धानी चूनरिया सइयाँ ले अइले
चूड़ी कंगन सेट मिलइले
अरे रामा पहनूँ त चूवे पसीनवा
भीजेके करे........................
लुका छुपी खेले चंदा तारा
कबो अन्हार कबो उजियारा
अरे रामा धीरे से चमके बिजुरिया
भीजेके करे..........................
घरवा में जीयरा घबराये
कड़क कड़क बिजुरी डेरवाये
चल सइयाँ अंगना बिछाव खटोलवा
भीजेके करे...............................
©किरण सिंह
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