!!!!!!!!!!!अतीत!!!!!!!!!!
फुर्सत के क्षण मन अतीत में विचरण करता है
जाता है स्मॄतियों के वन
घूमता ग्रामीण उपवन
सहज ,सरल ,सुन्दर
गावों का , चित्रण करता है
फुर्सत के क्षण मन अतीत में विचरण करता है
चौखंडी मिट्टी का घर
लीपता गायों का गोबर
आँगन में तुलसी का पौधा
स्मॄति में भ्रमण करता है
फुर्सत के क्षण मन अतीत में विचरण करता है
आँखों में वो स्नेह अब कहां
अपनापन वो स्पर्श में. कहां
निश्छल स्नेह पवन सा
आज भी मन शीतल करता है
फुर्सत के क्षण मन अतीत में विचरण करता है
रात में परियों की कहानी
सुबह रामायण सुनाती
वो मीठे स्वर आज भी
कर्णों में गुंजन करता है
फुर्सत के क्षण मन अतीत में विचरण करता है
गुड्डे गुड़ियों संग खेलना
दियों की तराजू में तोलना
मिट्टी के खिलौने बचपन के
आज भी मन चंचल करता है
फुर्सत के क्षण मन अतीत में विचरण करता है
……………………………………………
© copyright @ Kiran singh
No comments:
Post a Comment