यह भारत की बेटी है
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तोड़ देगी अब वर्जना
सुनो सिंहनी की गर्जना
बहुत कर ली माया मनमानी
लो समर में कूद पड़ी क्षत्राणी
लोलुप आँखें फोड़ देगी
बढ़ती बांहें को तोड़ देगी
स्वाभिमानिनी नेतृ है
यह भारत की बेटी है
अब बात आ गई आन पर
हर नारी के सम्मान पर
गंदी जुबां को काट देगी
मर्यादा को पाट देगी
बह चली बलिया की बयार
अबतक रोक नहीं कोई पाया है
लार्ड माउंटेन से इंदिरा गांधी तक को
हैसियत बतलाया है
छूट चुका है तीर कमान से
रोक सको तो रोक लो
चमक चमक समशीर कह रही
भारत वासी सीना ठोक लो
अब न रुकेंगे अब न झुकेंगे
हद हो गई अपमान की
चलो लगा दें मान की खातिर
बाजी अपने जान की
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©किरण सिंह With Rajendra Pratap Singh
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