Sunday, 19 May 2019

प्रातःकाल

प्रातःकाल
सागर दर्पण में
देख
क्षितिज पर
प्रभाकर मुखमंडल का
दमक जाना
और फिर
मन का
विवश हो जाना
सोंचने पर कि
रात्रि प्रहर
सूरज
विश्राम किया
या कहीं
मधुरस
पी लिया
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©किरण सिंह

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