फूल भावों के जब भी महक जाते हैं वर्ण शब्दों में, ढलकर बहक जाते हैं दिल धड़कते उन्ही से मचलते कभी गीत घूंघरू में बंधकर छनक जाते हैं ************************* ©Copyright Kiran singh
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