Monday, 27 April 2015

मुक्तक


फूल भावों के जब भी महक जाते हैं
वर्ण शब्दों में, ढलकर बहक जाते हैं
दिल धड़कते उन्ही से मचलते कभी
गीत घूंघरू में बंधकर छनक जाते हैं
*************************
©Copyright Kiran singh

No comments:

Post a Comment