आजकल इलेक्ट्रानिक चीजों का ऐसा ऐसा नाम है कि पढ़े लिखे लोग भी कभी कभी बेवकूफ बन जाते हैं ....इसी अनुभव पर आधारित एक ....परिहास ........
<<<<<<< फेसबुकिया बुखार >>>>>>>>>>
आज के परिवेश में स्वतंत्रता का स्थान स्वछंदता ने लेली है .......रोक टोक तो किसी को बर्दाश्त ही नही ...............विशेष तौर पर आज की पीढ़ी को .......आज के जनरेशन कीसबसे बड़ी समस्या पेरेंट्स के सोशल नेटवर्किंग साइट फेफबुक से जुडने से है ..............पहले तो वे अपने पेरेंट्स को अपने फ्रेडलिस्ट में जोडते नहीं हैं .............और यदि जोड़ लिए तो ......उनका धमकी...........सुनिए...... एक परिहास.........
मेरे बड़े बेटे ने मुझे गिफ्ट में
टैबलेट आया
बेटे के चाचा ने पूछा
बेटा क्या ले आया
मैंने गर्व से कहा
बेटे ने टैबलेट लाया
चाचा ने पूछा बेटे से
बेटा टैबलेट का
क्या काम है
बेटे ने कहा आपको
नहीं पता मम्मी को
फेसबुकिया बुखार है...........किरण सिंह
<<<<<<<< आपको ब्लॉक कर देना है >>>>>>>
एक दिन अपने छोटे बेटे को
देर तक आनलाईन देखा
और सोचा अभी नासमझ है
इस लिए मैंने उसे टोका
मैंने कहा बेटा तू पढ ले
सुबह तुम्हारा टेस्ट है
बेटे ने कहा इससे पहले
आपको ब्लॉक करना बेस्ट है ..............किरण सिंह
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