Friday, 4 July 2014

माँ का आँचल

!!! माँ का आंचल!!!
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चरणों में संसार है माँ
सतत तुझे प्रणाम है माँ
लोरी गाकर हैं सुलाती
माँ तेरी पावों की पायल
छत्रछाया है माँ तेरा आँचल

सब बलाएँ लेती हो तुम
और दुआएं देती हो .तुम
बुरी नजर से बचाए
रखती तेरे नयनों का काजल
छत्रछाया है माँ तेरा आँचल

मुश्किल में पाषाणी सी
दुख हरणी कल्याणी सी
उर से पावन स्नेह छलक
ज्यों अश्रुधार गंगाजल
छत्रछाया है माँ तेरा आंचल

जब दुनिया जलती आंव सी
तब ममता तेरी छांव सी
स्पर्श मरहम सा तुम्हारा
जब कभी हुआ मन घायल
छत्रछाया है माँ तेरा आँचल
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© Copyright Kiran singh

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