रंगों की सौगात लेकर
आई होली आई
शीत बिटिया दूल्हन सकुचाई
रंगों में रंग सब सखि नहलाई
पिया मिलन को कर तैयारी
सज धज कर गोरी आई
रंगों की सौगात ..........
रंग रंगे बाराती संग
मस्त हुए वे पीकर भंग
ढोल मजीरा बाजन लागे
सखि सब भी मंगल गाई
रंगों की सौगात...............
आँखों में भर कारे काजर
पांवो में भर लाल महावर
गाल गुलाबी हुए शरम से
लाल अधर मुस्काई
रंगों की सौगात.........
धरा सजी रंगीन सेज सी
प्रकृति सुन्दरी लगती प्रेयसी
इठलाती बलखाती गोरी सी
फागुन लेती अंगड़ाई
रंगों की सौगात..............
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©Copyright Kiran singh
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