कितनी मधुर होती हैं
इनकी की खनकार
जिनके मधुर संगीत
मंत्रमुग्ध कर
खींच लेती हैं अपनी ओर
सजना के
मन की डोर
तभी तो
खूबसूरत अहसासों के
के सम्मोहन में
फंस फँसकर
हम स्त्रियाँ
पहन लेतीं हैं
हथकड़ी
खूबसूरत
जो इतराती हुई सी
करती हैं
कलाइयों में
खनक - खनक कर
अठखेलियाँ
ये सुन्दर सुन्दर
नागों से जड़ी रंगबिरंगी
ठगिन
कांच की चूड़ियाँ
©किरण सिंह
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