रिमझिम फुहारों में भीगती लतिकाएँ नाचती झूमतीं लिपटती लतिकाएँ जैसे कह रहीं हों तू भी आ थोड़ा नाच ले मेरे साथ ये जिन्दगी छोटी सी है चलो खुशियों को मिलकर मनाएं.............. किरण सिंह
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