Friday, 22 August 2014

कभी कभी

कभी कभी

चली जाती हूं
अतीत के
मधुर स्मॄतियों में
जब कभी उदास होता है मन
और
मैं अतीत के
पन्नों को खोल
देखती हूं
पुरानी तस्वीरों को
फिर
तुलना करती हूं
अतीत और वर्तमान के बीच
सोंचती हूं
क्यों
इतने बदल गए हैं
हम....................किरण सिंह

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