समझौता पत्र
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क्यों नहीं समझते हो
प्रतिद्वंदी नहीं हूँ
तुम्हारी
तुम्हारे सत्ता को
ललकारा भी नहीं मैंने
अबतक
शायद तुम पहले ही
भाप गए थे
हमारी
शक्ति को
इसीलिए तो
नित्य नई
एक चक्रव्यूह
रचते रहे हो
छलकर
क्यों नहीं स्वीकार करते हो ?
अभी तक तो सिर्फ
पांच
गाँव ही मांगा है हमने
भेज रहे हैं
शान्ति दूत
कर देना
हस्ताक्षर
समझौता पत्र पर
वर्ना
छिड़ जाएगा
जंग
और शुरू हो जाएगा
फिर एक
नया
महाभारत
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© copyright @ Kiran singh
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