आखिर में ************ कितनी देर तक छुपा पाएगा मूर्ख बादल दमकते रवि को और चमकते शशि को आखिर में बादल बरसकर छट ही जाएगा किरणें विखर ही जाएंगी चाँदनी फैल ही जाएँगी ************************ © copyright Kiran singh
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