Tuesday, 14 October 2014

किस पर लिखूँ ?

किस पर लिखूँ मै
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सूर्य, चन्द्र, अम्बर और तारे 
पर्वत, धरा या सरिता 
विषय बहुत हैं लिखने को 
किस पर लिखूँ मैं कविता  ?

बिरह राग और प्रेम लिखूँ 
अभिमान द्वेष या ईर्ष्या 
शोषित नारी की पीर लिखूँ 
या दमित पुरूष की रीतियाँ  ?

हिय मातॄ ममता लिखूं
या पिता की अकाँक्षा 
कैद हुए बचपन लिखूँ
या उन्मुक्त युवा की महत्वाकांक्षा ?

कुण्ठित होती प्रतिभा लिखूँ
या बिकती हुई शिक्षा
बचपन का मर्दन लिखूँ
या सड़कों पर भिक्षुक भिक्षा

बलात्कार अनाचार लिखूँ
या बढते अपराधिक नशा
नेताजी की दशा लिखूँ
या जनता की दुर्दशा  ?

अंधविश्वास पर रचना लिख दूँ 
या रीति कुरीति की प्रथा
ढोगी गुरुओं की कथा लिखूं
या छली हुई जन व्यथा ?

न्याय को तरसते अन्याय लिखूँ
या शीर्षक ही लिख दूं पतिता
विषय बहुत है लिखने को
किस पर लिखूँ मैं कविता  ?
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© copyright Kiran singh

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