Wednesday, 24 September 2014

सिंदूर

!!!! सिंदूर !!!!!!

सच
तुम्हारे
एक चुटकी
सिंदूर ने
कैद कर लिया मुझे
हॄदय में
नथ दिया
नथनियों में
पहना कर चुडियों की
हथकड़ियां
और
पैरों में पायल की
बेडियां
अपने नाम के जंजीर
मंगलसूत्र में
बांध लिया है
तुमने
जीवन भर के
लिए

प्रेम की चुनरी
ओढाकर
माथे पर चाँद सितारों की
बिंदिया सजाकर
मेरे मन की
हथेलियों पर
मेहदी से
तुम
अपना नाम छपवा कर
कर लिया मेरी
जिन्दगी को
अपने नाम
जीवन भर के
लिए
© copyright @ Kiran singh

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